Question:easy

गीगर-मॉर्सले प्रयोग में, प्रकीर्णित \(\alpha\)-कणों की संख्या \(N(\theta)\) को प्रकीर्णन कोण \(\theta\) के फलन के रूप में आलेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही आलेख को निरूपित करता है?

Show Hint

रदरफोर्ड प्रकीर्णन में अधिकांश कण बिना अधिक विचलन के निकलते हैं; बड़े कोण पर प्रकीर्णन बहुत कम होता है।
Updated On: Jun 22, 2026
  • ग्राफ (1)
  • ग्राफ (2)
  • ग्राफ (3)
  • ग्राफ (4)
Show Solution

The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: प्रयोग की मूल विधि।
गीगर-मॉर्सले प्रयोग में $ \alpha $-कणों को सोने की पतली पन्नी पर डाला जाता है और विभिन्न कोणों $ \theta $ पर प्रकीर्णित कणों की संख्या $ N(\theta) $ गिनी जाती है।
Step 2: रदरफोर्ड प्रकीर्णन सूत्र।
\[ N(\theta) \propto \frac{1}{\sin^4(\theta/2)} \]
Step 3: छोटे $ \theta $ पर।
$ \theta \to 0 $: $ \sin(\theta/2) \to 0 $, $ N(\theta) \to \infty $। अधिकतर कण बिना विचलन के निकल जाते हैं।
Step 4: बड़े $ \theta $ पर।
$ \theta \to 180° $: $ N(180°) $ बहुत कम, बहुत कम कण वापस टकराते हैं।
Step 5: ग्राफ का आकार।
तीव्रता से घटने वाला monotonically decreasing ग्राफ जो छोटे कोण पर बहुत ऊँचा और बड़े कोण पर लगभग शून्य हो।
Step 6: उत्तर।
\[ \boxed{\text{Graph (1)}} \]
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