Question:medium

‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?

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गांधीजी के व्यवहार को समझते समय उनके सहानुभूति और करुणा के भाव को प्राथमिकता दें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

गांधीजी ने बीमार बच्चे के प्रति सहानुभूति और समझदारी दिखाई। उन्होंने बच्चे की पीड़ा को समझा और उसे दिलासा दी। यह व्यवहार उनकी महान मानवता और करुणा को दर्शाता है। उन्होंने दिखाया कि वे न केवल समाज के प्रभावशाली लोगों से, बल्कि कमजोर व्यक्तियों से भी सहानुभूति रखते थे। इस घटना में गांधीजी का व्यवहार महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने बच्चे पर दया ही नहीं दिखाई, बल्कि उसकी पीड़ा को समझा।
गांधीजी का यह व्यवहार उनके व्यक्तित्व की विशेषता को उजागर करता है — उनका ‘मानवता और सहानुभूति’ से भरा व्यक्तित्व। वे हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील थे और उनके दुखों को अपनी जिम्मेदारी मानते थे। उनका यह दृष्टिकोण समाज में बदलाव और न्याय की ओर एक सकारात्मक कदम था। गांधीजी का यह चरित्र हमें सिखाता है कि हमें कमजोरों और असमर्थों के प्रति भी समान सहानुभूति रखनी चाहिए।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि गांधीजी का जीवन केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि वे मानवता की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनका मानना था कि असली बदलाव तब होता है जब हम अपने आसपास के छोटे-छोटे पहलुओं में करुणा और दया दिखाते हैं।
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