Question:medium

गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :

‘शिरीष के फूल’ पाठ से ली गई पंक्ति ‘दिन दस फूला फूलिके खंखड़ भया पलास’ का आशय स्पष्ट करते हुए लिखिए कि लेखक द्वारा यह पंक्ति किस उद्देश्य से कही गई है।

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पलाश कितने दिन फूलता है और शिरीष कितने समय तक, इसकी तुलना कीजिए।
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Solution and Explanation

चरण 1: शब्दों का अर्थ:
‘दिन दस फूला फूलिके’ का अर्थ है केवल दस दिन फूलना, और ‘खंखड़ भया पलास’ का अर्थ है पलाश का सूखा, पत्तों-फूलों से रहित हो जाना।

चरण 2: तुलना से अर्थ:
हजारी प्रसाद द्विवेदी ने इस पंक्ति के माध्यम से पलाश और शिरीष की तुलना की है।
पलाश की सुंदरता थोड़े दिनों की है, जबकि शिरीष तपती धूप और लू में भी लहलहाता रहता है और कालजयी अवधूत की तरह अजेय बना रहता है।

चरण 3: मानव जीवन से जोड़ें:
समाज में भी कुछ लोग थोड़े समय के लिए चमकते हैं और फिर समाप्त हो जाते हैं।
लेखक चाहता है कि मनुष्य शिरीष की तरह धैर्य, सहनशीलता और जिजीविषा से जीवन भर सक्रिय और सरस बना रहे।

अंतिम उत्तर:
लेखक ने यह पंक्ति क्षणिक सौंदर्य और वैभव की निस्सारता दिखाने तथा शिरीष की स्थायी जीवनी-शक्ति को आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से कही है।
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