Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :

शिरीष के माध्यम से लेखक ने, ‘कालजयी अवधूत की भाँति विपरीत परिस्थितियों में भी अविचल खड़े रहने की प्रेरणा दी है।’ पुष्टि कीजिए।

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गर्मी और लू में भी शिरीष के खिले रहने को अवधूत के सुख-दुख से ऊपर रहने वाले स्वभाव से जोड़िए।
Updated On: Oct 31, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: ‘कालजयी अवधूत’ का अर्थ:
कालजयी का अर्थ है समय को जीतने वाला और अवधूत का अर्थ है सांसारिक मोह से मुक्त, मस्त संन्यासी।
द्विवेदी जी शिरीष में यही गुण देखते हैं, इसलिए उसे कालजयी अवधूत की तरह मानते हैं।

चरण 2: शिरीष का अविचल रहना:
जब कड़ी धूप और लू से सब कुछ झुलस जाता है, तब भी शिरीष के फूल खिले रहते हैं।
वह बाहर की कठिनाइयों से हार नहीं मानता, अपनी मस्ती में स्थिर रहता है।

चरण 3: आज के जीवन से संबंध:
लेखक पूछते हैं कि आज की मार-काट और अशांति के बीच कौन स्थिर रह सकता है। उत्तर है, शिरीष रह सकता है और गांधी जी भी स्थिर रह सके थे।
इससे संदेश मिलता है कि मनुष्य को भी संकट में शांत और दृढ़ रहना चाहिए।

अंतिम उत्तर:
शिरीष गर्मी, लू और आँधी में भी खिला रहता है, जैसे अवधूत हर स्थिति में अविचल रहता है। इसी उदाहरण से लेखक ने प्रेरणा दी है कि हमें भी कठिनाइयों और अशांति के बीच धैर्य तथा दृढ़ता से टिके रहना चाहिए।
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