Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :

‘शिरीष के फूल’ पाठ में कबीर को शिरीष की भाँति क्यों बताया गया है ?

Show Hint

शिरीष की मस्ती, बेपरवाही और सरसता को कबीर के फक्कड़ स्वभाव से मिलाइए।
Updated On: Oct 31, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: लेखक का विचार:
‘शिरीष के फूल’ में लेखक कहते हैं कि शिरीष जैसा मस्त और अनासक्त हुए बिना ऊँची रचना नहीं हो सकती।
इसी प्रसंग में वे कबीर और कालिदास का उल्लेख करते हैं।

चरण 2: तुलना के आधार:
शिरीष लू और धूप से नहीं घबराता, कबीर समाज की आलोचना और विरोध से नहीं डरे।
शिरीष के फूल कोमल होते हैं, कबीर की कविता भी प्रेम और भावों से भरी सरस है।

अंतिम उत्तर:
कबीर शिरीष के समान मस्त, फक्कड़ और बेपरवाह थे, फिर भी उनका व्यक्तित्व और वाणी सरस तथा मादक थी। इसी समानता के कारण लेखक ने उन्हें शिरीष की भाँति बताया है।
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