ऑक्सीजन का विमोचन \(\rightarrow\) ग्लूकोज का उत्पादन \(\rightarrow\) क्लोरोफिल \(a\) और \(b\) के अवशोषण स्पेक्ट्रा \(\rightarrow\) वायु की भूमिका
ग्लूकोज का उत्पादन \(\rightarrow\) वायु की भूमिका \(\rightarrow\) ऑक्सीजन का विमोचन \(\rightarrow\) क्लोरोफिल \(a\) और \(b\) के अवशोषण स्पेक्ट्रा
क्लोरोफिल \(a\) और \(b\) के अवशोषण स्पेक्ट्रा \(\rightarrow\) ग्लूकोज का उत्पादन \(\rightarrow\) ऑक्सीजन का विमोचन \(\rightarrow\) वायु की भूमिका
वायु की भूमिका \(\rightarrow\) ऑक्सीजन का विमोचन \(\rightarrow\) ग्लूकोज का उत्पादन \(\rightarrow\) क्लोरोफिल \(a\) और \(b\) के अवशोषण स्पेक्ट्रा
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The Correct Option isD
Solution and Explanation
Step 1: प्रकाश संश्लेषण की खोज का इतिहास। प्रकाश संश्लेषण की क्रियाविधि को समझने के लिए कई वैज्ञानिकों ने क्रमिक प्रयोग किए। इन प्रयोगों का सही क्रम महत्वपूर्ण है। Step 2: प्रीस्टले का प्रयोग। Joseph Priestley (1770) ने पहले वायु की भूमिका (role of air) की खोज की। उन्होंने दिखाया कि पौधे वायु को शुद्ध करते हैं। Step 3: इनजेनहाउज का प्रयोग। Jan Ingenhousz ने O2 मुक्ति (O2 release) की खोज की। उन्होंने बताया कि पौधे प्रकाश में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। Step 4: सैक्स का प्रयोग। Julius von Sachs ने ग्लूकोज उत्पादन (glucose production) की खोज की। उन्होंने बताया कि स्टार्च प्रकाश संश्लेषण का उत्पाद है। Step 5: एंगेलमान का प्रयोग। T.W. Engelmann ने क्लोरोफिल अवशोषण स्पेक्ट्रम (chlorophyll absorption spectra) का अध्ययन किया और बताया कि प्रकाश संश्लेषण किन तरंगदैर्ध्य पर अधिकतम होता है। Step 6: निष्कर्ष। सही क्रम है: वायु की भूमिका (Priestley) → O2 मुक्ति (Ingenhousz) → ग्लूकोज उत्पादन (Sachs) → क्लोरोफिल अवशोषण स्पेक्ट्रम (Engelmann)। अतः सही उत्तर विकल्प 4 है। \[ \boxed{\text{Priestley} \to \text{Ingenhousz} \to \text{Sachs} \to \text{Engelmann}} \]