Question:medium

सुमित्रानन्दन पन्त' की रचना नहीं है

Show Hint

छायावाद के चार प्रमुख कवि हैं: प्रसाद, पन्त, निराला और महादेवी वर्मा। इनकी रचनाओं का मेल अक्सर पूछा जाता है।
Updated On: Feb 19, 2026
  • ग्राम्या
  • स्वर्णधूलि
  • कामायनी
  • युगान्त
Show Solution

The Correct Option is C

Solution and Explanation

विश्लेषण: सुमित्रानन्दन पन्त हिंदी साहित्य के छायावाद युग के प्रमुख कवियों में से एक हैं।
उनकी रचनाओं में प्रकृति-चित्रण, कोमल भावनाएँ, सौंदर्यबोध और आध्यात्मिक चिंतन प्रमुख रूप से देखने को मिलता है।
‘पल्लव’, ‘गुंजन’, ‘युगांत’ आदि उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं, जिनमें छायावादी काव्य की विशेषताएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।

दूसरी ओर ‘कामायनी’ हिंदी साहित्य का एक अत्यंत प्रसिद्ध महाकाव्य है, जिसमें मानव जीवन, मनोविज्ञान और दर्शन का गहन विश्लेषण किया गया है।
यह कृति सुमित्रानन्दन पन्त द्वारा रचित नहीं है, बल्कि यह छायावाद के ही एक अन्य महान कवि की रचना है।
अतः ‘कामायनी’ को सुमित्रानन्दन पन्त की रचना मानना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।

निष्कर्ष: उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर स्पष्ट है कि कामायनी सुमित्रानन्दन पन्त की रचना नहीं है।
Was this answer helpful?
0