‘साँवरा’ कहानी में ‘बाँधी’ किसका प्रतीक है ? इस चरित्र के माध्यम से लेखक ने किस सत्य को उजागर किया है ?
कहानी का हमारे जीवन से क्या संबंध है? वर्णन कीजिए।
कहानी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा क्यों है ? अपने अनुभव की किसी कहानी के संदर्भ में उत्तर दीजिए।
हरगोबिन एक संवदिया था पर उसने अपना काम पूरा नहीं किया। ‘संवदिया’ कहानी के आधार पर लिखिए कि उसने ऐसा क्यों किया।
झोंपड़ी जलाए जाने के बाद भी सूरदास का किसी से प्रतिशोध न लेना, उसके स्वभाव की किस विशेषता को दर्शाता है? सूरदास जैसे चरित्र की वर्तमान समय में क्या प्रासंगिकता है?