Question:medium

‘साँवरा’ कहानी में ‘बाँधी’ किसका प्रतीक है ? इस चरित्र के माध्यम से लेखक ने किस सत्य को उजागर किया है ?

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प्रतीकों की व्याख्या करते समय उनके सामाजिक और नैतिक सन्दर्भ अवश्य जोड़ें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘साँवरा’ कहानी में 'बाँधी' उस शोषित वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है जो समाज की परिधि पर निवास करता है।
यद्यपि बाँधी एक पशु है, उसका आचरण, कष्ट और भावुकता मानवीय अस्तित्व की यथार्थता को प्रतिबिंबित करती है।
लेखक ने बाँधी के माध्यम से यह सत्य स्थापित किया है कि प्रत्येक जीव में संवेदनशीलता निहित है और उसे सम्मान का पात्र माना जाना चाहिए।
बाँधी का दुःख और उसकी मृत्यु की घटना सामाजिक निर्दयता और संवेदनाहीनता की ओर इंगित करती है।
यह कथा उद्घाटित करती है कि मनुष्य अपनी स्वार्थ सिद्धि हेतु अन्य जीवों के जीवन के महत्व को नहीं आंकता।
बाँधी का चरित्र यह भी सिखाता है कि मूक जीव भी हमारे कर्मों और अन्याय को अनुभव करते हैं।
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