चरण 1: विषय की रूपरेखा:
भूमिका: प्रकृति और मनुष्य
पर्यावरण क्या है
संरक्षण क्यों जरूरी
खतरे और उनके कारण
बचाव के तरीके
समापन
चरण 2: निबन्ध: पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व:
भूमिका
हमारे पूर्वजों ने प्रकृति की गोद में रहकर जीवन बिताया और उसकी पूजा की। आज का मनुष्य उसी प्रकृति का शोषण करने में लगा है। हवा में धूल और धुआँ है, पीने का पानी घट रहा है और मौसम अनियमित हो चुका है। इसलिए पर्यावरण-संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी पुकार है।
पर्यावरण क्या है
हमें चारों ओर से घेरने वाली सभी प्राकृतिक और मानव-निर्मित वस्तुएँ पर्यावरण कहलाती हैं। इसमें पृथ्वी, जल, वायु, आकाश, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी सब सम्मिलित हैं। ये सभी एक जीवन-चक्र की कड़ियाँ हैं।
संरक्षण क्यों जरूरी
पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। पेड़ कार्बन-डाइऑक्साइड सोखकर प्राणवायु देते हैं। नदियाँ खेतों को सींचती हैं और पीने का जल देती हैं। जंगल जीव-जन्तुओं को घर देते हैं और वर्षा लाते हैं। स्वच्छ वातावरण में रहने वाला व्यक्ति स्वस्थ, प्रसन्न और कार्यकुशल रहता है। कार्बन-उत्सर्जन घटाकर ही हम जलवायु परिवर्तन के संकट से बच सकते हैं। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित धरती सौंपना हमारा नैतिक दायित्व है।
खतरे और उनके कारण
शहरीकरण और औद्योगीकरण के नाम पर हर वर्ष लाखों हेक्टेयर जंगल काटे जा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल के वाहन जहरीली गैसें छोड़ते हैं। फैक्ट्रियों का गन्दा पानी नदियों को दूषित करता है और प्लास्टिक धरती तथा समुद्र दोनों को नुकसान पहुँचाता है। लाउडस्पीकर और यातायात का शोर मानसिक तनाव बढ़ाता है। परिणामस्वरूप बाढ़, सूखा, अम्लीय वर्षा और बढ़ता तापमान हमारे सामने हैं।
बचाव के तरीके
हर व्यक्ति जन्मदिन या त्योहार पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे। सार्वजनिक वाहन, साइकिल या पैदल चलने की आदत डाली जाए। कूड़े को अलग-अलग करके पुनःचक्रण किया जाए। सरकार वन-कटाई पर सख्ती करे और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर दण्ड लगाए। विद्यालयों में पर्यावरण-शिक्षा और जन-जागरण के अभियान चलें। चिपको आन्दोलन जैसे प्रयास हमें प्रेरणा देते हैं, जिसमें सुन्दरलाल बहुगुणा ने पेड़ों को बचाने का नेतृत्व किया।
समापन
धरती हमारी माता है और हम उसकी सन्तान। जब तक हम अपनी माता की रक्षा नहीं करेंगे, तब तक हमारा जीवन सुरक्षित नहीं है। पर्यावरण बचाइए, जीवन बचाइए।
निष्कर्ष:
ऊपर की रूपरेखा के अनुसार पूरा निबन्ध भूमिका से समापन तक लिखा गया है।