चरण 1: कवि की रचनाओं की सूची से मिलान:
मैथिलीशरण गुप्त के प्रमुख काव्य हैं: ‘साकेत’, ‘यशोधरा’, ‘पंचवटी’, ‘जयद्रथ वध’, ‘भारत-भारती’, ‘द्वापर’, ‘नहुष’, ‘विष्णुप्रिया’ और ‘त्रिपथगा’।
चरण 2: दूसरे कवियों से भेद:
हरिऔध खड़ी बोली के पहले महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ के कवि हैं। महादेवी वर्मा वेदना और रहस्य की गीति-कवयित्री हैं। जयशंकर प्रसाद ‘कामायनी’ के रचयिता हैं। इनमें से किसी की सूची में ‘त्रिपथगा’ नहीं आता।
चरण 3: संकेत:
महाभारत की कथाओं पर खण्डकाव्य लिखना गुप्त जी की विशेषता रही है। ‘त्रिपथगा’ इसी परंपरा की कृति है।
अंतिम उत्तर:
रचनाकार (C) मैथिलीशरण गुप्त हैं।