चरण 1: प्रेमघन की कविताओं को याद करें:
प्रेमघन की काव्य-रचनाओं में ‘जीर्ण जनपद’, ‘आनन्द अरुणोदय’, ‘हार्दिक हर्षादर्श’, ‘मयंक महिमा’, ‘अलौकिक लीला’ और ‘वर्षा-बिन्दु’ गिने जाते हैं। ये अधिकतर ब्रजभाषा और कहीं-कहीं खड़ी बोली में हैं।
चरण 2: मिलान:
चारों विकल्पों में केवल ‘आनन्द अरुणोदय’ इस सूची में आता है। बाकी तीन शीर्षक इस सूची में नहीं हैं।
अंतिम उत्तर:
विकल्प (C) ‘आनन्द अरुणोदय’ सही है।