चरण 1: रामकुमार वर्मा का परिचय:
डॉ. रामकुमार वर्मा छायावादी कवि, आलोचक और एकांकीकार थे। ‘बादल की मृत्यु’ से एकांकी की आधुनिक धारा शुरू हुई। ‘दीपदान’, ‘रजतरश्मि’ और ‘रूपरंग’ भी उनके एकांकी संग्रह हैं।
चरण 2: अन्य नामों से अन्तर:
सेठ गोविन्ददास और लक्ष्मीनारायण मिश्र ने पूर्ण नाटकों में अधिक काम किया। उदयशंकर भट्ट ने पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर नाटक लिखे। एकांकी को स्वतन्त्र विधा बनाने का श्रेय परम्परा में वर्मा जी को दिया जाता है।
अंतिम उत्तर:
विकल्प (C) डॉ. रामकुमार वर्मा सही है।