चरण 1: वाक्य की जाँच:
वाक्य का भाव है कि राम का अपने पिता के प्रति प्रेम और श्रद्धा अपनाने योग्य है। भाव सही है, शब्द की बनावट गलत है।
चरण 2: दोष:
‘पिता के प्रति भक्ति’ के लिए समास में ‘पिता’ का रूप ‘पितृ’ हो जाता है, जैसे पितृ-भक्ति, पितृ-ऋण, पितृ-पक्ष, पितृ-गृह। ‘पितार्भक्ति’ लिखना विद्यार्थियों की आम भूल है।
चरण 3: सुधार:
राम की पितृभक्ति अनुकरणीय है।
निष्कर्ष:
सही रूप ‘पितृभक्ति’ है। समस्त शब्दों में ‘पिता’ का ‘पितृ’ हो जाता है।