चरण 1: शब्द का भाव:
मित्र का सामान्य प्रयोग साथी या सखा के लिए होता है, परन्तु काव्य और संस्कृत में इसका दूसरा अर्थ भी है।
चरण 2: अर्थ और वाक्य:
पहला अर्थ - सूर्य: प्रातःकाल मित्र की किरणें धरती पर फैल गईं।
दूसरा अर्थ - सखा या हितैषी: राम और श्याम बचपन के मित्र हैं।
निष्कर्ष:
मित्र शब्द के दो सही अर्थ सूर्य और दोस्त हैं। दोनों अर्थ प्रसंग के अनुसार अलग-अलग वाक्यों में प्रयुक्त होते हैं।