चरण 1: वाक्य का विश्लेषण:
कर्ता: मैं। कर्म: इस लड़के को। क्रिया: पढ़ाया हूँ। काल: भूतकाल (पूर्ण)।
चरण 2: नियम से मिलान:
हिन्दी में भूतकाल की सकर्मक क्रिया (जैसे पढ़ाना, खाना, लिखना) के साथ कर्ता का रूप कर्तृ कारक ‘ने’ सहित लिखा जाता है, जैसे राम ने, उसने, मैंने।
दिए गए वाक्य में ‘मैं’ का प्रयोग बिना ‘ने’ के हुआ है, और क्रिया के साथ ‘हूँ’ लगाया गया है जो कर्ता के पुरुष के अनुसार है। ‘ने’ वाले वाक्य में क्रिया कर्ता के अनुसार नहीं, कर्म के अनुसार चलती है, इसलिए ‘हूँ’ ठीक नहीं।
चरण 3: सुधार:
मैंने इस लड़के को पढ़ाया है।
निष्कर्ष:
शुद्ध वाक्य: मैंने इस लड़के को पढ़ाया है। दोष कारक (‘ने’ का अभाव) और उससे जुड़े क्रिया-रूप का था।