चरण 1: सप्तक और उसके सम्पादक:
प्रयोगवाद की शुरुआत ‘तारसप्तक’ से मानी जाती है। इसमें सात कवि थे: अज्ञेय, गजानन माधव मुक्तिबोध, नेमिचन्द्र जैन, भारतभूषण अग्रवाल, गिरिजाकुमार माथुर, रामविलास शर्मा और प्रभाकर माचवे।
इसके सम्पादक और भूमिका-लेखक अज्ञेय थे।
चरण 2: कथन का स्रोत:
अपनी भूमिका में अज्ञेय ने कहा कि ये कवि सत्य के अन्वेषी हैं और राहों के अन्वेषी हैं, किसी बनी-बनाई राह के राही नहीं।
इसलिए नई राह खोजने वाले इन कवियों के लिए यह कथन अज्ञेय का माना जाता है।
चरण 3: विकल्पों को छाँटना:
(A), (B) और (C) तीनों नाम तारसप्तक के कवियों के हैं। ये कवि इस कथन का विषय हैं, कथन कहने वाले नहीं।
सम्पादक और कथन के लेखक के रूप में केवल (D) का नाम ठीक बैठता है।
अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (D) अज्ञेय।