Question:medium

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए: आतंकवाद की समस्या और समाधान

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

चरण 1: विषय की रूपरेखा:
भूमिका: हिंसा का बढ़ता खतरा
समस्या का स्वरूप
जन्म देने वाली परिस्थितियाँ
देश और समाज पर असर
रोकथाम और हल
समापन

चरण 2: निबन्ध: आतंकवाद की समस्या और समाधान:
भूमिका
मनुष्य शान्ति से जीना चाहता है, पर कुछ लोग हिंसा को अपना हथियार बना लेते हैं। जब कोई समूह निर्दोष जनता में भय फैलाकर अपने उद्देश्य पूरे करना चाहता है, तब उसे आतंकवाद कहा जाता है। यह आधुनिक विश्व की सबसे गम्भीर चुनौतियों में गिना जाता है।
समस्या का स्वरूप
आतंकवाद कई रूपों में सामने आता है, जैसे बम-धमाके, विमान-अपहरण, आत्मघाती हमले, साइबर हमले और नशे तथा हथियारों की तस्करी। भारत में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इसके अलग-अलग रूप देखे गए हैं। मुम्बई का 26 नवम्बर 2008 का हमला देश कभी नहीं भूल सकता। अमेरिका में 11 सितम्बर 2001 की घटना ने पूरे विश्व को हिला दिया था।
जन्म देने वाली परिस्थितियाँ
इस समस्या की जड़ में सामाजिक और आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और भ्रामक शिक्षा है। जब किसी युवक को जीवन में कोई अवसर नहीं दिखता, तो आतंकी संगठन उसे पैसे और झूठे आदर्शों का लालच देकर अपने जाल में फँसा लेते हैं। पड़ोसी देशों की दुर्भावना, धर्म के नाम पर उकसावा और अन्तर्राष्ट्रीय हथियार-बाजार भी इसे हवा देते हैं।
देश और समाज पर असर
आतंकी हमलों में हर साल हजारों लोगों की जान जाती है। लोग अपने ही शहर में असुरक्षित महसूस करने लगते हैं। विकास की गति रुकती है, विदेशी निवेश घटता है और आपसी विश्वास टूटता है। कई बार निर्दोष समुदाय को शक की नजर से देखा जाने लगता है, जिससे सामाजिक एकता कमजोर होती है।
रोकथाम और हल
पहला उपाय मजबूत सुरक्षा और सटीक गुप्तचर सूचना है। दूसरा उपाय, आतंकियों के धन के स्रोत बन्द करना और उनके ठिकानों पर कार्रवाई करना है। तीसरा, विश्व के सभी देश आतंकवाद की एक समान परिभाषा मानकर मिलकर लड़ें। चौथा, शिक्षा का प्रसार, रोजगार के अवसर और धार्मिक सहिष्णुता की शिक्षा दी जाए। पाँचवाँ, मीडिया और सोशल मंचों पर भ्रामक प्रचार पर रोक लगे। हर नागरिक सतर्क रहकर देश की सुरक्षा में योगदान दे सकता है।
समापन
आतंकवाद का समाधान केवल बल-प्रयोग से नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की स्थापना से होगा। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की हमारी भावना ही विश्व को सुरक्षित और शान्त बना सकती है।

निष्कर्ष:
ऊपर की रूपरेखा के अनुसार पूरा निबन्ध भूमिका से समापन तक लिखा गया है।
Was this answer helpful?
0