चरण 1: छायावाद की चार कवियों का स्मरण:
प्रसाद, निराला, पन्त और महादेवी छायावाद के चार स्तम्भ हैं। महादेवी को आधुनिक मीरा भी कहा जाता है। उनके पाँच प्रमुख काव्य-संग्रह ‘नीहार’, ‘रश्मि’, ‘नीरजा’, ‘सान्ध्यगीत’ और ‘दीपशिखा’ हैं।
चरण 2: नाम से संकेत:
‘दीपशिखा’ नाम में दीपक की लौ का प्रतीक है, जो महादेवी की साधना और विरह-भाव का प्रिय प्रतीक है। पन्त प्रकृति-प्रेम के कवि हैं और भगवतीचरण वर्मा उपन्यास ‘चित्रलेखा’ के लेखक के रूप में अधिक जाने जाते हैं।
अंतिम उत्तर:
विकल्प (B) महादेवी वर्मा की।