Question:easy

'निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल' यह कथन है:

Updated On: Sep 24, 2026
  • महावीर प्रसाद द्विवेदी का
  • भारतेन्दु हरिश्चंद्र का
  • प्रेमघन का
  • प्रतापनारायण मिश्र का
Show Solution

The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: पहचान का सूत्र:
हिन्दी भाषा के गौरव पर लिखी यह पंक्ति भारतेन्दु के भाषा-प्रेम की पहचान है। वे हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुस्तान की उन्नति के लिए लिखते और कार्य करते थे।

चरण 2: विकल्पों की छँटाई:
(A) द्विवेदी जी ने भाषा की शुद्धता पर काम किया, पर यह दोहा उनकी रचना नहीं है।
(C) प्रेमघन ‘आनन्द कादम्बिनी’ पत्रिका के संपादक थे, पर यह कथन उनका नहीं है।
(D) प्रतापनारायण मिश्र का प्रसिद्ध नारा ‘हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्तान’ है। यह दोहा उनका नहीं है।
(B) भारतेन्दु हरिश्चंद्र: यह दोहा उनकी ही कविता का है।

अंतिम उत्तर:
कथन (B) भारतेन्दु हरिश्चंद्र का है।
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