Question:easy

'छायावाद' की विशेषता है:

Updated On: Sep 24, 2026
  • इतिवृत्तात्मकता
  • सौन्दर्य एवं प्रेम
  • शृंगारिक भावना
  • उपदेशात्मक वृत्ति
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: युग-क्रम से समझें:
हिन्दी कविता का क्रम है: भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, फिर प्रगतिवाद और प्रयोगवाद। द्विवेदी युग की कविता सीधी, वर्णनात्मक और नैतिक थी। छायावाद ने उसके विरोध में कल्पना और अनुभूति को महत्त्व दिया।

चरण 2: विकल्पों की जाँच:
(A) इतिवृत्तात्मकता: द्विवेदी युग की पहचान, छायावाद की नहीं।
(B) सौन्दर्य एवं प्रेम: छायावाद की प्रमुख विशेषता, जैसे प्रसाद की ‘कामायनी’ में श्रद्धा का सौन्दर्य। यही सही है।
(C) शृंगारिक भावना: रीतिकालीन काव्य की विशेषता।
(D) उपदेशात्मक वृत्ति: सुधारवादी द्विवेदी युग की प्रवृत्ति।

अंतिम उत्तर:
छायावाद की विशेषता (B) सौन्दर्य एवं प्रेम है।
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