चरण 1: प्रभाकर जी की विधाएँ:
प्रभाकर जी ने रेखाचित्र, संस्मरण, लघु-कथा और निबन्ध लिखे और पत्रकारिता भी की। पाठ्यक्रम में उनके संस्मरणों में ‘दीप जले शंख बजे’ और ‘भूले-बिसरे चेहरे’ आते हैं।
चरण 2: विधा का निर्णय:
जब लेखक बीती हुई घटनाओं और मिले हुए लोगों को याद करके लिखता है, तब वह संस्मरण होता है। आत्मकथा में लेखक स्वयं का पूरा जीवन होता है और जीवनी दूसरे का जीवन-चरित होती है। रेखाचित्र में किसी व्यक्ति या दृश्य का शब्द-चित्र होता है।
अंतिम उत्तर:
विकल्प (D) संस्मरण सही है।