चरण 1: वाक्य में दोष खोजें:
दिया गया वाक्य ‘मेरे को फल ले आओ’ बोलचाल में सुनाई देता है, पर लिखित हिन्दी में शुद्ध नहीं माना जाता।
चरण 2: नियम:
हिन्दी में ‘मैं’ के साथ ‘को’ आने पर विकारी रूप ‘मुझ’ बनता है और ‘मुझको’ या ‘मुझे’ लिखा जाता है। ‘मेरे’ रूप संबंध कारक (का, की, के) के साथ आता है, जैसे मेरे भाई को।
जब फल किसी के लाभ के लिए माँगे जा रहे हों तो संप्रदान कारक ‘के लिए’ लगाकर ‘मेरे लिए’ कहा जाता है।
चरण 3: सुधार:
मुझे फल ला दो।
या मेरे लिए फल ले आओ।
निष्कर्ष:
शुद्ध वाक्य: मुझे फल ला दो। यहाँ अशुद्धि ‘मेरे को’ के गलत प्रयोग (कारक और सर्वनाम रूप) की थी।