चरण 1: शब्द की पहचान:
एक ही शब्द जब अलग-अलग जगह अलग बात बताए, तब वह बहुअर्थक कहलाता है। ‘मित्र’ इसका अच्छा उदाहरण है।
चरण 2: दो अर्थ और उदाहरण:
पहला अर्थ: सूर्य या रवि। उदाहरण: प्रातःकाल मित्र की किरणें धरती को जगा देती हैं।
दूसरा अर्थ: सखा, हितैषी या मददगार व्यक्ति। उदाहरण: कृष्ण और सुदामा की मित्रता आदर्श मानी जाती है।
चरण 3: ध्यान रखें:
सूर्य के लिए ‘मित्र’ शब्द संस्कृत के प्राचीन प्रयोग से आया है। इसका विलोम शब्द ‘शत्रु’ है।
अंतिम उत्तर:
मित्र = (1) सूर्य, (2) सखा या दोस्त।