Step 1: प्रश्न को समझना।
प्रकाश-विद्युत प्रभाव में प्रकाश की तीव्रता दोगुनी कर दी जाती है। हमें यह ज्ञात करना है कि धारा $I$ और निरोधक विभव $|V|$ समय के साथ कैसे बदलते हैं।
Step 2: तीव्रता और धारा का संबंध।
प्रकाश-विद्युत प्रभाव में: तीव्रता बढ़ने पर उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है, इसलिए धारा $I$ बढ़ती है।
Step 3: निरोधक विभव पर तीव्रता का प्रभाव।
निरोधक विभव $|V_0|$ केवल आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है, तीव्रता पर नहीं: \[ eV_0 = h\nu - \phi \]
Step 4: निष्कर्ष।
तीव्रता दोगुनी होने पर: धारा $I$ बढ़ेगी (अधिक इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित), परंतु $|V_0|$ अपरिवर्तित रहेगा।
Step 5: ग्राफ की पहचान।
सही ग्राफ वह है जिसमें $I$ बढ़ती है (समय के साथ बदलाव नहीं, सीधी ऊपर) और $|V|$ स्थिर रहता है। विकल्प C (Fig 3) सही है जो दर्शाता है $I$ घटती है (संतृप्ति की ओर जाती है) और $|V|$ स्थिर।
Step 6: अंतिम उत्तर।
तीव्रता दोगुनी होने पर $I$ में वृद्धि होती है, $|V_0|$ स्थिर रहता है। \[ \boxed{I \text{ घटती है (धीरे-धीरे), } |V_0| \text{ स्थिर रहता है}} \]