Question:medium

'प्रेम और ममता की दुहाई व्यर्थ है' - यह पंक्ति किस संदर्भ में कही गई है? श्रोता किन संस्कारों के बंधन में जकड़ी हुई थी?

Show Hint

पिता ने कहा कि बहू को घर न ला सकने पर प्रेम-ममता की दुहाई व्यर्थ है। श्रोता जातिगत संस्कारों, सामाजिक रूढ़ियों और लोक-लाज के भय में जकड़ी थी।
Show Solution

Solution and Explanation

Was this answer helpful?
0


Questions Asked in ICSE Class X board exam