Concept:
- संपादक के नाम पत्र तभी प्रभावी होता है जब उसमें समस्या केवल गिनाई न जाए, बल्कि उसका असर भी दिखाया जाए।
- असर दिखाने के लिए ठोस ब्यौरे देने चाहिए, अस्पष्ट शिकायत से काम नहीं चलता।
Step 1: प्रारूप पहले तय कीजिए।
सेवा में, संपादक महोदय, समाचार-पत्र का नाम और पता, विषय, महोदय, मुख्य भाग, सधन्यवाद, भवदीय या भवदीया, नाम, पता और दिनांक।
Step 2: आरंभ में माध्यम का उल्लेख कीजिए।
पहली पंक्ति में ही लिखिए कि आप समाचार-पत्र के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान दिलाना चाहते हैं। यही इस पत्र की पहचान है।
Step 3: समस्या को ब्यौरे के साथ रखिए।
केवल ‘पानी की समस्या है’ लिखने से बात नहीं बनती। लिखिए कि कितने दिन से पानी नहीं आता, पानी की गुणवत्ता कैसी है, हैंडपंप की क्या स्थिति है और लोगों को कितनी दूर जाना पड़ता है।
Step 4: माँग स्पष्ट और सीमित रखिए।
दो-तीन ठोस माँगें रखिए, जैसे नियमित आपूर्ति, पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की जाँच। बहुत सारी माँगें एक साथ रखने से पत्र कमजोर पड़ जाता है।
Final Answer:
सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक समाचार,
लखनऊ
विषय : हमारे क्षेत्र में गहराते पेय जल संकट की ओर ध्यान दिलाने हेतु
महोदय,
आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से मैं नगर निगम तथा जल विभाग का ध्यान हमारे क्षेत्र की गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
गत तीन महीनों से हमारे मोहल्ले में जल आपूर्ति बहुत अनियमित है। प्रायः एक दिन छोड़कर ही पानी आता है और वह भी मात्र आधे घंटे के लिए। जो पानी आता है उसमें मिट्टी और दुर्गंध रहती है, जिससे बच्चों के बीमार पड़ने की घटनाएँ बढ़ी हैं। भू-जल स्तर गिर जाने से अधिकांश हैंडपंप सूख चुके हैं और महिलाओं को दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है।
अतः निवेदन है कि नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, टूटी पाइपलाइनों की मरम्मत कराई जाए और जल की गुणवत्ता की जाँच करवाई जाए।
सधन्यवाद
भवदीय
शोभित
45, आर्य नगर, लखनऊ
दिनांक : 7 मार्च 2026