Comprehension
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :

गिरि का गौरव गाकर झर-झर
मद में नस-नस उत्तेजित कर
मोती की लड़ियों-से सुंदर
झरते हैं झाग भरे निर्झर!
   गिरिवर के उर से उठ-उठकर
    उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
    हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर
    अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।
Question: 1

‘अनिमेष’ का अर्थ नहीं है

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अनिमेष में अ उपसर्ग और निमेष अर्थात पलक झपकना है। अब देखिए कौन-सा विकल्प देखने का ढंग नहीं, बल्कि स्वयं देखने की क्रिया बता रहा है।
Updated On: Sep 15, 2026
  • एकटक
  • लगातार
  • निर्निमेष
  • झाँकना
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

Concept:
  • नकारात्मक प्रश्न का सबसे तेज हल यह है कि विकल्पों को उनकी व्याकरणिक श्रेणी के आधार पर बाँटा जाए।
  • जो विकल्प श्रेणी के हिसाब से अलग पड़े, प्रायः वही बेमेल होता है।

Step 1: विकल्पों की श्रेणी देखिए।
एकटक, लगातार और निर्निमेष, ये तीनों बताते हैं कि काम किस ढंग से हो रहा है।
झाँकना बताता है कि काम क्या हो रहा है। यह अकेला क्रिया है।

Step 2: काव्यांश में दोनों शब्दों की जगह देखिए।
पंक्ति है – हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर, अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।
यहाँ ‘झाँक रहे’ क्रिया है और ‘अनिमेष’, ‘अटल’, ‘चिंतापर’ उस क्रिया की विशेषता बता रहे हैं।
यदि दोनों का एक ही अर्थ होता, तो कवि उन्हें साथ-साथ न रखता।

Step 3: शब्द की बनावट से पुष्टि कीजिए।
अनिमेष में ‘अ’ निषेध और ‘निमेष’ अर्थात पलक झपकना। पूरा अर्थ हुआ, पलक झपकाए बिना। निर्निमेष भी ठीक इसी तरह बना है।

Step 4: उत्तर पर पहुँचिए।
तीन विकल्प ढंग बताते हैं और एक क्रिया है, इसलिए बेमेल विकल्प ‘झाँकना’ ही उत्तर है।

Final Answer: (D) झाँकना
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Question: 2

पद्यांश में किसकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है?

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सोचिए कि मोती की लड़ी कैसी दिखती है, सफेद, चमकीली और लटकती हुई। अब देखिए विकल्पों में कौन-सी वस्तु ऐसी दिखती है।
Updated On: Sep 15, 2026
  • महाकार पर्वत की
  • झाग भरे झरने की
  • निर्मल ताल की
  • विशाल वृक्ष की
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

Concept:
  • तुलना वाले प्रश्न में सबसे पहले तुलना का आधार सोचिए, अर्थात दोनों में कौन-सा गुण समान है।
  • जिस विकल्प में वह गुण मिले, वही उत्तर होगा।

Step 1: उपमान का गुण पहचानिए।
मोती की लड़ी का अर्थ है मोतियों की माला। उसका गुण है – सफेद, चमकीली और लंबी लटकती हुई।

Step 2: देखिए कि यह गुण किसमें है।
पर्वत विशाल है पर सफेद लड़ी जैसा नहीं। ताल स्थिर और चौड़ा होता है, लटकता नहीं। वृक्ष हरा और सीधा खड़ा होता है।
पहाड़ से गिरता झागदार झरना ही सफेद, चमकीला और ऊपर से नीचे लटकता दिखाई देता है।

Step 3: काव्यांश से पुष्टि कीजिए।
पंक्ति है – मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर।
‘झाग’ शब्द ही सफेदी का संकेत दे रहा है, जो मोती से मेल खाता है।

Step 4: उत्तर दीजिए।
अतः यहाँ झाग भरे झरनों की तुलना मोती की लड़ियों से की गई है।

Final Answer: (B) झाग भरे झरने की
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Question: 3

‘नीरव-नभ’ का आशय है

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नीरव में रव अर्थात ध्वनि छिपी है। ऐसा विकल्प चुनिए जो बादल न होने के साथ-साथ शांति का भाव भी बताए।
Updated On: Sep 15, 2026
  • बिना बादल का आकाश
  • बादलों से भरा आकाश
  • बादल रहित शांत आकाश
  • तेज़ हवा से युक्त आकाश
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

Concept:
  • जब दो विकल्प आधे-आधे सही लगें, तो वही चुनिए जो शब्द के दोनों पदों का भाव समेटता हो।
  • अधूरा अर्थ देने वाला विकल्प जान-बूझकर रखा जाता है।

Step 1: पहले स्पष्ट गलत विकल्प हटाइए।
‘नीरव’ का अर्थ है ध्वनिरहित और शांत। बादलों से भरा आकाश गरजता है और तेज हवा शोर करती है। अतः (B) और (D) दोनों नीरवता के विपरीत हैं और बाहर हो गए।

Step 2: बचे हुए दोनों की तुलना कीजिए।
(A) कहता है बिना बादल का आकाश। (C) कहता है बादल रहित शांत आकाश।
दोनों में अंतर केवल ‘शांत’ शब्द का है।

Step 3: तय कीजिए कि ‘शांत’ आवश्यक है या नहीं।
शब्द का मूल अर्थ ही है रव अर्थात ध्वनि का अभाव। इसलिए शांति इस शब्द का प्राण है, उसे छोड़ा नहीं जा सकता।
(A) केवल बादल की बात करता है, नीरवता छूट जाती है।

Step 4: उत्तर पर पहुँचिए।
पूरा भाव केवल (C) में आता है, इसलिए वही सही है।

Final Answer: (C) बादल रहित शांत आकाश
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Question: 4

पेड़ ‘चिंतापर’ क्यों दिखाई दे रहे हैं?

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चिंतापर के साथ आए शब्द देखिए, उच्चाकांक्षाओं और अटल। अटल रहने वाला भयभीत नहीं होता, इसलिए भय और आश्चर्य वाले विकल्प पहले हटा दीजिए।
Updated On: Sep 15, 2026
  • वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं।
  • पर्वतों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
  • पर्वतों से झरने वाले झरनों की गति से भयभीत हैं।
  • नीरव-नभ का रूप उन्हें आश्चर्यचकित कर रहा है।
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

Concept:
  • काव्य में शब्द आसपास के शब्दों से अर्थ पाते हैं। इसलिए ‘चिंतापर’ का अर्थ उसके साथ आए शब्दों से जोड़कर देखना चाहिए।
  • उसके साथ आए हैं ‘उच्चाकांक्षाओं’, ‘अनिमेष’ और ‘अटल’।

Step 1: साथ आए शब्दों को पंक्ति में रखिए।
वृक्ष उच्चाकांक्षाओं से उठ रहे हैं, अनिमेष अर्थात एकटक देख रहे हैं, अटल अर्थात स्थिर हैं, और कुछ चिंतापर हैं।

Step 2: इन शब्दों का साझा भाव पकड़िए।
ये सब मिलकर भय या आश्चर्य का नहीं, बल्कि एक गहरे और दृढ़ संकल्प का चित्र बनाते हैं। कोई भयभीत प्राणी अटल नहीं रह सकता।

Step 3: इस आधार पर विकल्प काटिए।
(C) भय कहता है और (D) आश्चर्य, दोनों ‘अटल’ से मेल नहीं खाते। अतः दोनों बाहर।

Step 4: बचे दो में निर्णय कीजिए।
काव्यांश में आकांक्षाएँ वृक्षों की बताई गई हैं, पर्वत की नहीं। इसलिए (B) गलत है।
बचता है (A), जो कहता है कि वृक्ष आकाश जैसी ऊँचाई पाने के विचार में डूबे हैं। यही ‘उच्चाकांक्षाओं से तरुवर’ का सीधा अर्थ है।

Final Answer: (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं।
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Question: 5

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों के सही उत्तर चुनकर लिखिए :

कथन : एकाग्रता, अटल विश्वास और लक्ष्य पर दृष्टि सफल होने के सहायक तत्त्व हैं।
कारण : जीवन में सफलता बिना प्रयास के भाग्य से स्वयं ही प्राप्त हो जाती है।

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देखिए कि दोनों वाक्य एक-दूसरे को काट रहे हैं। एक प्रयास की बात करता है और दूसरा कहता है प्रयास की जरूरत ही नहीं।
Updated On: Sep 15, 2026
  • कथन और कारण दोनों गलत हैं।
  • कथन और कारण दोनों सहीं हैं।
  • कथन गलत है, परंतु कारण सही है।
  • कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

Concept:
  • जब कथन और कारण एक-दूसरे का खंडन करते दिखें, तो दोनों को सही मानने वाला विकल्प तुरंत हटा देना चाहिए।
  • उसके बाद केवल यह तय करना बचता है कि दोनों में से सही कौन है।

Step 1: विरोध पहचानिए।
कथन प्रयास की बात करता है, अर्थात एकाग्रता और अटल विश्वास। कारण कहता है कि प्रयास की आवश्यकता ही नहीं, भाग्य से सब मिल जाता है।
दोनों एक साथ सच नहीं हो सकते, इसलिए विकल्प (B) पहले ही बाहर।

Step 2: कथन को काव्यांश से जाँचिए।
वृक्ष अनिमेष अर्थात एकटक, अटल अर्थात दृढ़, और उच्चाकांक्षाओं से भरे हुए बताए गए हैं। यही एकाग्रता और अटल विश्वास का चित्र है। कथन सही सिद्ध हुआ।
अतः विकल्प (A) और (C), जो कथन को गलत मानते हैं, दोनों बाहर।

Step 3: बचा हुआ विकल्प जाँचिए।
केवल (D) बचता है, जो कथन को सही और कारण को गलत मानता है। यही हमारी दोनों जाँचों से मेल खाता है।

Step 4: कारण के गलत होने की पुष्टि कीजिए।
काव्यांश में वृक्ष निष्क्रिय होकर नहीं बैठे, वे उठ-उठकर आकाश की ओर झाँक रहे हैं। यह भाग्य पर भरोसा नहीं, सतत प्रयास का चित्र है।

Final Answer: (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
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