Comprehension
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

फ्रैंकलिन का प्रसिद्ध कथन है – ‘वक्त को बरबाद न करो क्योंकि जीवन इसी से बना है।’ समय ही जीवन है। जो अवसरों और संभावनाओं से भरा हुआ है।

जो बुद्धिमानी से इसका उपयोग करते हैं, वे सफलता की नींव रखते हैं, जबकि समय को व्यर्थ करने वाले अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं। शास्त्रों में कहा गया है, ‘एक-एक पैसे को जोड़कर कोई धनी बनता है, और एक-एक क्षण का उपयोग करके कोई विद्वान।’ समय वास्तव में सीमित संसाधन है। जब हम किसी एक चीज के लिए ‘हाँ’ कहते हैं, तो किसी दूसरी चीज के लिए ‘ना’ कह रहे होते हैं।

प्राचीन ज्ञान भी यही सिखाता है। अवसर को समय रहते पहचानो और उसका सदुपयोग करो। मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है। यही जीवन हमें विवेक देता है, जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है। इसलिए हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। जैसे विद्यार्थी परीक्षा के आने के ठीक पहले समय को अच्छी तरह समझकर पूरी निष्ठा से पढ़ाई करते हैं, वैसे ही हमें भी जीवन के हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए।

हम अकसर कहते हैं, ‘काश मेरे पास और समय होता।’ यह सोच हमें थकान और असंतोष की ओर ले जाती है। साथ ही, हम एक तरह की नकारात्मकता से घिर जाते हैं। सच यह है कि हम सबको समान 24 घंटे मिलते हैं। फ़र्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उनका उपयोग कैसे करते हैं।

विद्वानों ने सिखाया कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं। प्रकृति हमें हर दिन समय का समान उपहार देती है। समय की कद्र कीजिए, घड़ी की सूइयों की फुसफुसाहट को सुनिए और उसके संकेतों को समझिए। जो लोग हर क्षण को सार्थक बनाते हैं, वे ही जीवन में संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं।
Question: 1

निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए :

कथन : समय के सदुपयोग का सफलता से गहरा नाता है।
कारण : सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं।

Show Hint

दोनों वाक्यों को क्योंकि शब्द से जोड़कर पढ़िए। यदि वाक्य सहज बन जाए तो कारण, कथन की व्याख्या कर रहा है।
Updated On: Sep 15, 2026
  • कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
  • कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  • कथन गलत है और कारण सही है।
  • कथन और कारण दोनों गलत हैं।
Show Solution

The Correct Option is B

Solution and Explanation

Concept:
  • यह परखने का सरल तरीका यह है कि दोनों वाक्यों को ‘क्योंकि’ से जोड़कर पढ़ा जाए।
  • यदि जोड़ने पर वाक्य सहज और सार्थक लगे, तो कारण सही व्याख्या है।

Step 1: दोनों वाक्यों को जोड़कर पढ़िए।
‘समय के सदुपयोग का सफलता से गहरा नाता है, क्योंकि सफलता उन्हीं को मिलती है जो अपने समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं।’
वाक्य पूरी तरह सहज और अर्थपूर्ण है।

Step 2: दोनों की सत्यता गद्यांश से जाँचिए।
पहली बात गद्यांश के आरंभ में है, कि बुद्धिमानी से समय का उपयोग करने वाले सफलता की नींव रखते हैं। दूसरी बात अंत में विद्वानों के मत के रूप में है। दोनों ही गद्यांश में मौजूद हैं।

Step 3: शेष विकल्पों को हटाइए।
विकल्प (A), (C) और (D) में से कोई न कोई वाक्य गलत बताया गया है, जबकि दोनों वाक्य गद्यांश में स्पष्ट रूप से लिखे हैं। अतः तीनों बाहर।

Step 4: उत्तर पर पहुँचिए।
दोनों सत्य हैं और दूसरा वाक्य पहले का स्पष्टीकरण है, इसलिए विकल्प (B) ही सही है।

Final Answer: (B) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
Was this answer helpful?
0
Question: 2

गद्यांश के आधार पर लिखिए कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करते हैं, उनका जीवन कैसा होता है?

(I) सफल
(II) व्यस्त
(III) सार्थक
(IV) अनियमित

Show Hint

हर कथन को अलग-अलग गद्यांश से मिलाइए। ध्यान रखिए कि व्यस्त रहना और समय का सदुपयोग करना एक बात नहीं है।
Updated On: Sep 15, 2026
  • केवल विकल्प (I) सही है।
  • (II) और (III) सही हैं।
  • (I), (II) और (III) सही हैं।
  • (I) और (III) सही हैं।
Show Solution

The Correct Option is D

Solution and Explanation

Concept:
  • चारों विकल्पों को देखने से पहले यह तय कर लेना चाहिए कि कौन-सा कथन निश्चित रूप से गलत है, क्योंकि उसे हटाते ही कई विकल्प एक साथ कट जाते हैं।
  • यहाँ (IV) सबसे स्पष्ट रूप से गलत है।

Step 1: सबसे स्पष्ट गलत कथन पहचानिए।
‘अनियमित’ जीवन तो समय बरबाद करने वालों का होता है। कोई भी विकल्प इसे शामिल नहीं करता, इसलिए यह अपने आप बाहर है।

Step 2: अब ‘व्यस्त’ पर निर्णय लीजिए।
विकल्प (B) और (C) दोनों (II) को सही मानते हैं। गद्यांश में व्यस्तता का कोई उल्लेख नहीं है। साथ ही, गद्यांश का पूरा जोर इस पर है कि सफलता व्यस्त रहने से नहीं, बल्कि समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में लगाने से मिलती है।
अतः (II) गलत है और (B) तथा (C) कट गए।

Step 3: बचे हुए दो विकल्पों में निर्णय कीजिए।
(A) केवल (I) को सही मानता है और (D) (I) तथा (III) दोनों को। अतः केवल यह देखना है कि (III) सही है या नहीं।

Step 4: ‘सार्थक’ की पुष्टि कीजिए।
गद्यांश का अंतिम वाक्य ही कहता है कि जो हर क्षण को सार्थक बनाते हैं वे ही संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं। अतः (III) सही है और विकल्प (D) चुना जाएगा।

Final Answer: (D) (I) और (III) सही हैं।
Was this answer helpful?
0
Question: 3

‘काश मेरे पास और समय होता।’ ऐसी सोच किस प्रकार के व्यक्तियों की होती है?

Show Hint

सोचिए कि यह शिकायत कौन कभी नहीं करेगा। परिश्रमी और समय की कद्र करने वाला व्यक्ति समय की कमी का बहाना नहीं बनाता।
Updated On: Sep 15, 2026
  • अकर्मण्य और आलसी लोगों की
  • भाग्यवादी लोगों की
  • समय की कद्र करने वालों की
  • परिश्रमी लोगों की
Show Solution

The Correct Option is A

Solution and Explanation

Concept:
  • वाक्य किसकी है, यह जानने के लिए सोचिए कि ऐसी बात कौन कहेगा और कौन कभी नहीं कहेगा।
  • इस तरह विकल्प जल्दी छँट जाते हैं।

Step 1: पूछिए कि यह वाक्य कौन नहीं कहेगा।
परिश्रमी व्यक्ति उपलब्ध समय में ही काम निपटा लेता है और समय की कद्र करने वाला तो एक-एक क्षण का हिसाब रखता है। ये दोनों कभी यह शिकायत नहीं करेंगे।
अतः (C) और (D) हट गए।

Step 2: शेष दोनों की तुलना कीजिए।
भाग्यवादी व्यक्ति कहेगा कि जो होना था वही हुआ, मेरे भाग्य में यही था। वह समय को दोष नहीं देता।
पर जो काम टालता रहा और अंत में पूरा नहीं कर पाया, वह ठीक यही कहेगा कि काश मेरे पास और समय होता।

Step 3: गद्यांश से पुष्टि कीजिए।
गद्यांश कहता है कि सबको समान 24 घंटे मिलते हैं, फ़र्क केवल उपयोग से पड़ता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि शिकायत करने वाले ने अपने घंटे व्यर्थ गँवाए हैं।

Step 4: निष्कर्ष निकालिए।
ऐसी सोच अकर्मण्य और आलसी व्यक्ति की है, जो अपनी कमी छिपाने के लिए समय को दोष देता है और इसी से थकान तथा असंतोष में घिर जाता है।

Final Answer: (A) अकर्मण्य और आलसी लोगों की
Was this answer helpful?
0
Question: 4

समय को व्यर्थ गँवाने के क्या परिणाम होते हैं?

Show Hint

वे बातें लिखिए जो समय बरबाद करने के बाद होती हैं, जैसे काम अधूरे रहना, अवसर निकल जाना, और बाद में थकान तथा असंतोष होना।
Updated On: Sep 15, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

Concept:
  • परिणामों को तत्काल और दूरगामी, इन दो भागों में बाँटकर लिखने से उत्तर अधिक व्यवस्थित बनता है।
  • गद्यांश में दोनों प्रकार के परिणाम मौजूद हैं।

Step 1: तत्काल परिणाम, काम अटक जाता है।
जो समय बरबाद करते हैं वे अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं। जिस दिन का काम उस दिन नहीं हुआ, वह अगले दिन के काम पर बोझ बनकर चढ़ जाता है।

Step 2: तत्काल परिणाम का दूसरा रूप, अवसर का चूकना।
समय अवसरों और संभावनाओं से भरा होता है, पर अवसर ठहरता नहीं। गद्यांश इसीलिए कहता है कि अवसर को समय रहते पहचानो। जो चूक गया, वह लौटता नहीं।

Step 3: दूरगामी परिणाम, मन की स्थिति बिगड़ना।
आगे चलकर व्यक्ति कहता है, काश मेरे पास और समय होता। यह सोच थकान और असंतोष लाती है और उसे नकारात्मकता से घेर लेती है। समस्या अब केवल काम की नहीं, मनोदशा की भी हो जाती है।

Step 4: सबसे बड़ा दूरगामी परिणाम, जीवन का असंतुलन।
गद्यांश के अनुसार जो हर क्षण को सार्थक बनाते हैं वे ही संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं। इसका उलटा अर्थ यह है कि समय गँवाने वाला न सफलता पाता है, न संतोष।

Final Answer: तत्काल तो काम अधूरे रह जाते हैं और अवसर हाथ से निकल जाते हैं, और आगे चलकर व्यक्ति थकान, असंतोष तथा नकारात्मकता से घिरकर जीवन में सफलता और संतोष दोनों खो देता है।
Was this answer helpful?
0
Question: 5

हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है?

Show Hint

समय को सीमित पूँजी मानकर सोचिए। गद्यांश की वह पंक्ति याद रखिए जिसमें एक चीज के लिए हाँ कहने का अर्थ दूसरी के लिए ना कहना बताया गया है।
Updated On: Sep 15, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

Concept:
  • इस प्रश्न का उत्तर तब अधिक स्पष्ट होता है जब समय की तुलना किसी सीमित धन से की जाए।
  • सीमित धन को कोई भी बिना सोचे खर्च नहीं करता, यही बात समय पर भी लागू होती है।

Step 1: समय को सीमित पूँजी मानकर देखिए।
गद्यांश समय को सीमित संसाधन कहता है और शास्त्रों का यह वचन भी देता है कि एक-एक पैसा जोड़कर कोई धनी बनता है और एक-एक क्षण का उपयोग करके कोई विद्वान।
जैसे पैसा सोच-समझकर खर्च होता है, वैसे ही क्षण भी।

Step 2: हर खर्च की एक कीमत होती है।
जब हम किसी एक चीज के लिए हाँ कहते हैं, तो किसी दूसरी के लिए ना कह रहे होते हैं। अर्थात एक घंटा जिस काम में लगा, वह घंटा किसी और काम से छिन गया। इसीलिए चुनाव विवेक से करना पड़ता है।

Step 3: विवेक की भूमिका समझिए।
मानव जीवन दुर्लभ उपहार है और यही हमें विवेक देता है, जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करना सिखाता है। बिना विवेक के व्यक्ति वही चुनेगा जो तुरंत अच्छा लगे, भले ही वह आगे चलकर हानिकारक हो।

Step 4: अंतिम लाभ बताइए।
प्रकृति हर दिन सबको समय का समान उपहार देती है। जो हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण और सार्थक बनाते हैं, वे ही जीवन में संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं।

Final Answer: समय एक सीमित पूँजी है जिसे एक बार खर्च करने पर वापस नहीं पाया जा सकता। हर क्षण किसी एक काम को देने का अर्थ है किसी दूसरे काम से उसे छीन लेना, इसलिए विवेक से चुनाव करना आवश्यक है, तभी जीवन में सफलता और संतोष दोनों मिलते हैं।
Was this answer helpful?
0