Concept:
- उपलब्धता घटने के कारणों को दो भागों में बाँटकर लिखने से उत्तर अधिक स्पष्ट बनता है।
- एक भाग है मात्रा का घटना और दूसरा है गुणवत्ता का बिगड़ना।
Step 1: पहला भाग, पानी की मात्रा घट रही है।
कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे भू-जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। कुएँ और हैंडपंप सूखने लगते हैं।
Step 2: मात्रा घटने का दूसरा पहलू, माँग का बढ़ना।
तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ रही है, जबकि जल संसाधनों का क्षय उतनी ही तेजी से हो रहा है। साथ ही उपलब्ध पानी को बचाने के बजाय व्यर्थ बहाया जा रहा है।
Step 3: दूसरा भाग, पानी की गुणवत्ता बिगड़ रही है।
नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक का स्तर बढ़ता जा रहा है। ऐसा पानी सामने तो दिखता है, पर पिया नहीं जा सकता।
Step 4: दोनों भागों का मिला-जुला परिणाम बताइए।
एक ओर पानी कम हो रहा है और दूसरी ओर जो बचा है वह भी दूषित होता जा रहा है। इन दोनों के मिलने से पीने योग्य पानी की उपलब्धता में निरंतर गिरावट आ रही है।
Final Answer: एक ओर भू-जल के अत्यधिक दोहन, बढ़ती आबादी और पानी की बर्बादी से पानी की मात्रा घट रही है, दूसरी ओर औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक से जल स्रोत दूषित हो रहे हैं। इन्हीं दोनों कारणों से पेय जल की उपलब्धता लगातार गिर रही है।