'स्वयंवर' शब्द का शुद्ध प्रयोग 'स्वयं चयन' या 'अपनी पसंद से विवाह के लिए आयोजन' के अर्थ में होता है। यह संस्कृत से व्युत्पन्न है और इसका शुद्ध रूप 'स्वयंवर' ही है। अन्य रूप अशुद्ध हैं:
स्वयमवर: यह अशुद्ध है; शुद्ध रूप 'स्वयंवर' है।
स्वायंवर और स्वायम्वर: ये दोनों रूप गलत हैं, जिनमें 'य' और 'व' का अनुपयुक्त प्रयोग हुआ है।