मुन्तखाब-उत-तवारीख किसकी रचना है?
विस्तृत समाधान:
1️⃣ ग्रंथ का परिचय:
मुन्तखाब-उत-तवारीख मुगल काल का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है, जिसकी रचना फारसी भाषा में की गई थी। यह ग्रंथ मध्यकालीन भारत के इतिहास को समझने के लिए एक प्रमुख स्रोत माना जाता है। इसमें प्रारंभिक मुस्लिम शासकों से लेकर अकबर के शासनकाल तक की घटनाओं का वर्णन मिलता है।
2️⃣ लेखक का परिचय:
अब्दुल कादिर बदायूँनी मुगल दरबार के एक विद्वान इतिहासकार और साहित्यकार थे। वे अकबर के शासनकाल में दरबार से जुड़े रहे। वे धार्मिक दृष्टि से रूढ़िवादी विचारधारा के थे और उन्होंने अपने ग्रंथ में अकबर की धार्मिक नीतियों की आलोचना भी की है। उनकी लेखन शैली स्पष्ट और निर्भीक मानी जाती है।
3️⃣ ग्रंथ की संरचना:
यह ग्रंथ तीन भागों में विभाजित है। पहले भाग में दिल्ली सल्तनत और प्रारंभिक मुगल शासकों का वर्णन है। दूसरे भाग में अकबर के शासनकाल की घटनाओं का विस्तार से उल्लेख है। तीसरे भाग में समकालीन विद्वानों, सूफियों और साहित्यकारों का विवरण दिया गया है।
4️⃣ ऐतिहासिक महत्व:
मुन्तखाब-उत-तवारीख उस समय की राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियों को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी है। यह ग्रंथ मुगल प्रशासन, दरबारी जीवन तथा धार्मिक बहसों पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है।
इस प्रकार, मुन्तखाब-उत-तवारीख की रचना अब्दुल कादिर बदायूँनी द्वारा की गई थी।
Match List-I with List-II:
| List-I (Meaning/ Characteristics) | List-II (Sufi Terms) |
|---|---|
| (A) Sufi lineages | (I) Ziyarat |
| (B) Established rules for spiritual conduct and interaction between inmates/laypersons and the master | (II) Langar |
| (C) The practice of pilgrimage to the grave of the Shaikh | (III) Silsila |
| (D) Open kitchen which runs on futuh (unasked-for charity) | (IV) Murshid |
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