'कोई भी भाषा आपकी व्यवहार में बाबू नहीं बनती' अपने आस-पास से कोई उदाहरण देकर इस तथ्य की पुष्टि कीजिए।
इसका अर्थ है कि भाषा से अधिक, हमारा व्यवहार और कार्यशैली मायने रखते हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति शुद्ध हिंदी बोलने पर भी यदि शिष्टाचार का पालन नहीं करता है, तो उसकी भाषा प्रभावशाली नहीं होगी। व्यवहार की ईमानदारी और संस्कार आवश्यक हैं।
हरिहर काका को बूढ़ापे में किन परेशानियों का सामना करना पड़ा? बुढ़ापे के खुशहाल जीवन के लिए आप क्या सुझाव देंगे?
आपका घनिष्ठ मित्र दूसरे मुसीबत को, आपके घर में उसका स्वागत किस प्रकार करता है? विस्तार से लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
ओलंपिक में मिला भारत को रजत पदक ……
‘बुनियाद ही पुख़्ता न हो, तो मकान कैसे पायेदार बने?’ ‘बड़े भाई साहब’ कहानी के इस कथन के माध्यम से क्या सीख मिलती है?