Concept:
- समास का भेद जानने के लिए यह देखना चाहिए कि समस्तपद में प्रधान कौन है, पहला पद, दूसरा पद, दोनों, या कोई तीसरा।
- इन्हीं चार स्थितियों से अव्ययीभाव, तत्पुरुष, द्वंद्व और बहुव्रीहि का भेद बनता है।
Step 1: चारों संभावनाएँ सामने रखिए।
यदि पहला पद प्रधान हो तो अव्ययीभाव, दूसरा पद प्रधान हो तो तत्पुरुष, दोनों प्रधान हों तो द्वंद्व, और दोनों छोड़कर कोई तीसरा अर्थ प्रधान हो तो बहुव्रीहि।
Step 2: ‘दाल-भात’ पर यह कसौटी लगाइए।
क्या भात दाल की विशेषता बता रहा है? नहीं। क्या दाल भात की विशेषता बता रही है? नहीं। क्या कोई तीसरा अर्थ निकल रहा है? नहीं।
दोनों अपने-अपने अर्थ में स्वतंत्र और बराबर हैं।
Step 3: विग्रह से पुष्टि कीजिए।
विग्रह बनता है – दाल और भात। जहाँ विग्रह में ‘और’ आए, वहाँ द्वंद्व समास ही होगा।
Step 4: इसी तरह के अन्य उदाहरण देखिए।
माता-पिता, रात-दिन, भाई-बहन, राजा-रानी, ये सब द्वंद्व समास के उदाहरण हैं, क्योंकि सबमें दोनों पद प्रधान हैं।
Final Answer: ‘दाल-भात’ में दोनों पद प्रधान हैं और इसका विग्रह ‘दाल और भात’ होता है, जिसमें ‘और’ योजक लगता है। यही द्वंद्व समास की पहचान है।