आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
प्रिय माँ,
सादर प्रणाम, आपकी अनुपस्थिति में घर की सारी जिम्मेदारियाँ संभालने में मुझे बहुत कठिनाई हो रही है। घर के कामों के साथ-साथ छोटे भाई-बहन का ध्यान रखना, उनका काम करवाना और सभी चीजों को समय पर करना, मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण है। सुबह जल्दी उठकर रोटियाँ बनाना, सफाई करना और बाकी काम करना, मुझे आपके बिना अकेले करना पड़ रहा है। शुरू-शुरू में बहुत उलझन हुई, लेकिन धीरे-धीरे मैंने खुद को इन सब कामों में ढाल लिया है। घर के बर्तन धोना और उनका ध्यान रखना काफी समय लेता है। मुझे अब समझ आ रहा है कि आप दिन-रात कितनी मेहनत करती हैं ताकि घर की व्यवस्था बनी रहे। छोटे भाई-बहन को समझाना और उनके स्कूल का काम करवाना भी मेरे लिए एक चुनौती है, क्योंकि मुझे खुद का समय निकालना बहुत कठिन हो रहा है। मैं आपकी बहुत याद कर रहा/रही हूँ और जल्द ही आपके घर लौटने का इंतजार कर रहा/रही हूँ।
आपकी कमी मुझे बहुत महसूस हो रही है, माँ। जल्दी घर लौट आइए।
आपका प्यार, गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन देते हुए तथा इसके उपयोग के पक्ष में पर्याप्त तर्क देते हुए 'दैनिक हिंदी' अख़बार के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
जीवन का सच्चा सुख संयम में...
संकेत बिंदु – संतोष का महत्व • इच्छा नियंत्रण • सुखी जीवन का आधार