Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘पतंग’ कविता में कवि ने बच्चों के कोमल और उल्लसित मन को किस प्रकार रेखांकित किया है ?

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‘जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास’, सीटियों-किलकारियों की नाज़ुक दुनिया और दिशाओं को मृदंग की तरह बजाती बेसुध दौड़ – इन पंक्तियों से उत्तर लिखिए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न के दो भाग:
प्रश्न में दो बातें हैं – बच्चों का मन कोमल कैसे दिखाया गया है और उल्लसित कैसे। आलोक धन्वा की कविता ‘पतंग’ (आरोह, भाग 2) के बिंबों से दोनों बातें अलग-अलग दिखानी हैं।

चरण 2: कोमलता के बिंब:
कवि के अनुसार बच्चे जन्म से अपने साथ कपास लाते हैं। पतंग को दुनिया की सबसे हल्की और रंगीन चीज़ कहा गया है, जिसके उड़ते ही सीटियों, किलकारियों और तितलियों की नाज़ुक दुनिया शुरू होती है। यह सब बच्चों के कोमल, सरल मन का प्रतीक है।

चरण 3: उल्लास के बिंब:
बच्चों के बेचैन पैरों के पास पृथ्वी घूमती हुई आती है। वे बेसुध दौड़ते हुए छतों को नरम बनाते हैं, दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हैं और डाल की तरह लचीले वेग से छतों के किनारों तक आ जाते हैं।

चरण 4: संक्षिप्त उत्तर (लगभग 60 शब्द):
कवि ने बच्चों के मन को कपास-सा कोमल और पतंग-सा हल्का बताया है। उनकी दुनिया सीटियों, किलकारियों और तितलियों जैसी नाज़ुक है। पतंग उड़ाते समय उनका उल्लास इतना है कि पृथ्वी उनके बेचैन पैरों के पास घूमती आती है, वे दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए बेसुध दौड़ते हैं और खतरनाक किनारों से भी नहीं डरते।

अंतिम उत्तर:
कपास, पतंग और किलकारियों के कोमल बिंबों तथा बेसुध दौड़ के उल्लास से कवि ने बच्चों के मन को रेखांकित किया है।
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