चरण 1: पहले प्रश्न को पढ़ें:
प्रश्न माँगता है कि दिए गए तीन विषयों में से एक चुनकर संकेत बिन्दुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखा जाए। यहाँ विषय 'भारतीय रसोई में बसता है सेहत का खजाना' चुना गया है। अनुच्छेद में पैराग्राफ़ नहीं बदला जाता, पूरा लेखन एक ही खंड में रहता है।
चरण 2: रूपरेखा बनाएँ:
सबसे पहले एक-दो वाक्य में विषय की भूमिका लिखें। फिर तीनों बिन्दुओं को एक-एक करके जोड़ें। अंत में एक वाक्य में सीख या सुझाव दें। इस रूपरेखा से बिन्दु छूटते नहीं और क्रम भी बना रहता है।
रसोई एक औषधालय: हल्दी, अदरक और हींग के गुण।
संतुलित आहार: अनाज, दाल, हरी सब्ज़ी, दही और घी वाली थाली।
स्वाद और सेहत: मौसम के अनुसार व्यंजन और घर के भोजन का लाभ।
चरण 3: दूसरा आदर्श उत्तर:
भारतीय रसोई एक छोटे-से औषधालय जैसी है। यहाँ रखे मसाले केवल स्वाद नहीं बढ़ाते, रोगों से भी बचाते हैं। हल्दी घाव भरती है, अदरक गले को आराम देता है और हींग पाचन ठीक रखती है। हमारे यहाँ भोजन का ढंग भी वैज्ञानिक है। एक थाली में अनाज, दाल, हरी सब्ज़ी, दही और घी का मेल शरीर को सारे ज़रूरी पोषक तत्त्व देता है। इस तरह आहार संतुलित और संपूर्ण रहता है। मौसम के अनुसार बनने वाले व्यंजन, जैसे गर्मी में छाछ और सर्दी में बाजरे की रोटी, स्वाद के साथ सेहत भी देते हैं। पिज़्ज़ा-बर्गर के मुकाबले घर का बना यह भोजन अधिक लाभकारी है। हमें इस अमूल्य परंपरा को अपनाए रखना चाहिए।
चरण 4: अंक कैसे मिलेंगे:
आरंभ में विषय का सीधा परिचय देने पर 1 अंक मिलता है। तीनों संकेत बिन्दुओं का पर्याप्त विस्तार होने पर विषयवस्तु के 4 अंक मिलते हैं। शुद्ध वर्तनी, सही व्याकरण और उचित विराम-चिह्नों पर भाषा-शुद्धता का 1 अंक मिलता है। शब्द-सीमा का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।
उत्तर: विषय 'भारतीय रसोई में बसता है सेहत का खजाना' पर यह दूसरा अनुच्छेद भी लगभग 120 शब्दों का सही आदर्श उत्तर है।