चरण 1: पहले प्रश्न को पढ़ें:
प्रश्न माँगता है कि दिए गए तीन विषयों में से एक चुनकर संकेत बिन्दुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखा जाए। यहाँ विषय 'प्रगति पथ पर अग्रसर भारत' चुना गया है। अनुच्छेद में पैराग्राफ़ नहीं बदला जाता, पूरा लेखन एक ही खंड में रहता है।
चरण 2: रूपरेखा बनाएँ:
सबसे पहले एक-दो वाक्य में विषय की भूमिका लिखें। फिर तीनों बिन्दुओं को एक-एक करके जोड़ें। अंत में एक वाक्य में सीख या सुझाव दें। इस रूपरेखा से बिन्दु छूटते नहीं और क्रम भी बना रहता है।
उपलब्धियाँ: हरित क्रांति, इसरो, कृषि, उद्योग और सूचना-प्रौद्योगिकी।
पहचान: संयुक्त राष्ट्र, जी-20 जैसे मंच और बढ़ती साख।
कर्तव्य: शिक्षा, स्वच्छता, भ्रष्टाचार से दूरी और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा।
चरण 3: दूसरा आदर्श उत्तर:
भारत आज उन्नति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ दशकों में देश ने कृषि, उद्योग, अंतरिक्ष और सूचना-प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय सफलता पाई है। हरित क्रांति ने हमें अनाज में आत्मनिर्भर बनाया, तो इसरो की उड़ानों ने विश्व को चकित किया। संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे मंचों पर भारत की सशक्त आवाज़ उसकी बढ़ती साख का प्रमाण है। दुनिया उसे विश्वसनीय मित्र और उभरती शक्ति के रूप में देखती है। परंतु केवल सरकार के प्रयास काफ़ी नहीं हैं। हर नागरिक को अपना कर्तव्य निभाना होगा। हमें शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए, स्वच्छता रखनी चाहिए, भ्रष्टाचार से दूर रहना चाहिए और देश की संपत्ति की रक्षा करनी चाहिए। यही सच्ची देशभक्ति है।
चरण 4: अंक कैसे मिलेंगे:
आरंभ में विषय का सीधा परिचय देने पर 1 अंक मिलता है। तीनों संकेत बिन्दुओं का पर्याप्त विस्तार होने पर विषयवस्तु के 4 अंक मिलते हैं। शुद्ध वर्तनी, सही व्याकरण और उचित विराम-चिह्नों पर भाषा-शुद्धता का 1 अंक मिलता है। शब्द-सीमा का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।
उत्तर: विषय 'प्रगति पथ पर अग्रसर भारत' पर यह दूसरा अनुच्छेद भी लगभग 120 शब्दों का सही आदर्श उत्तर है।