चरण 1: अंक-योजना देखना:
पत्र के 5 अंक तीन भागों में बँटे हैं: प्रारूप 1 अंक (शुरू और अंत की औपचारिकताएँ), विषयवस्तु 3 अंक और भाषा शुद्धता 1 अंक। इसलिए पत्र के ऊपर और नीचे के औपचारिक हिस्से छोड़ना नहीं है, और बीच का भाग तर्क के साथ लिखना है।
चरण 2: पत्र की रूपरेखा बनाना:
आधार: बस्ती के बच्चे कूड़ा बीनने या काम करने जाते हैं।
प्रस्ताव: प्रवेश देना और कागज़ात की कमी में सहायता।
सहयोग: विद्यार्थियों द्वारा किताबें और वर्दियाँ जुटाना।
चरण 3: दूसरा मॉडल पत्र:
प्रेषक:
सुनीता कुमारी
कक्षा दसवीं
विद्यालय- क ख ग
दिनांक: 15 मार्च 2027
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
विद्यालय- क ख ग।
विषय: विद्यालय के पास की बस्ती के बच्चों को प्रवेश दिलाने के संबंध में।
सम्मानीय महोदय,
मैं कक्षा दसवीं की छात्रा हूँ। हमारे विद्यालय के पीछे बसी बस्ती में मैंने देखा कि बहुत से बच्चे स्कूल की उम्र में भी कूड़ा बीनने या घरों में काम करने जाते हैं। उनके माता-पिता शिक्षा का महत्त्व नहीं जानते। मेरा प्रस्ताव है कि विद्यालय इन बच्चों को अपने यहाँ प्रवेश दे और जिनके पास कागज़ात नहीं हैं, उनकी भी सहायता करे। हम विद्यार्थी अपनी पुरानी किताबें और वर्दियाँ इकट्ठा करके इन बच्चों को देंगे। आशा है कि आप इस नेक काम की अनुमति देंगे। इससे कई बच्चों का भविष्य सुधर जाएगा और हमारे विद्यालय का भी मान बढ़ेगा।
भवदीया,
सुनीता कुमारी
चरण 4: भाषा और शब्द-संख्या की जाँच:
मुख्य भाग में लगभग 99 शब्द हैं। पत्र में पहले अपना परिचय या विषय का संदर्भ है, फिर समस्या या प्रस्ताव, फिर सुझाव और अंत में आभार। वाक्य छोटे हैं और भाषा आदरपूर्ण है। वर्तनी और विराम-चिह्न जाँच लेने चाहिए।
चरण 5: अंतिम उत्तर:
उत्तर: औपचारिक पत्र का दूसरा मॉडल रूप, लगभग 99 शब्दों के मुख्य भाग सहित, ऊपर दिया गया है।