चरण 1: अंक-योजना देखना:
पत्र के 5 अंक तीन भागों में बँटे हैं: प्रारूप 1 अंक (शुरू और अंत की औपचारिकताएँ), विषयवस्तु 3 अंक और भाषा शुद्धता 1 अंक। इसलिए पत्र के ऊपर और नीचे के औपचारिक हिस्से छोड़ना नहीं है, और बीच का भाग तर्क के साथ लिखना है।
चरण 2: पत्र की रूपरेखा बनाना:
संदर्भ: सरकार की रोक के बाद भी दुकानदारों का प्लास्टिक देना।
असर: सड़क और नालों में कचरा, आवारा पशुओं को नुकसान।
सुझाव: औचक निरीक्षण, भारी जुर्माना और जागरूकता अभियान।
चरण 3: दूसरा मॉडल पत्र:
प्रेषक:
भावना
7, गांधी मार्ग
भोपाल
दिनांक: 10 मार्च 2027
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
नगर निगम,
भोपाल।
विषय: प्रतिबंध के बावजूद बाज़ार में प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग की सूचना एवं समाधान हेतु निवेदन।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र के बाज़ार में प्लास्टिक की थैलियों के खुले उपयोग की ओर दिलाना चाहती हूँ। सरकार ने इन थैलियों पर रोक लगा रखी है, फिर भी अधिकतर दुकानदार सामान इन्हीं में दे रहे हैं। इस्तेमाल के बाद ये थैलियाँ सड़क और नालों में पड़ी रहती हैं, जिससे नालियाँ जाम होती हैं और आवारा पशु इन्हें खा लेते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मैं निवेदन करती हूँ कि बाज़ार में औचक निरीक्षण कराया जाए, पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाए और लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। आपसे विनम्र अनुरोध है कि शीघ्र उचित कदम उठाएँ।
भवदीया,
भावना
चरण 4: भाषा और शब्द-संख्या की जाँच:
मुख्य भाग में लगभग 102 शब्द हैं। पत्र में पहले अपना परिचय या विषय का संदर्भ है, फिर समस्या या प्रस्ताव, फिर सुझाव और अंत में आभार। वाक्य छोटे हैं और भाषा आदरपूर्ण है। वर्तनी और विराम-चिह्न जाँच लेने चाहिए।
चरण 5: अंतिम उत्तर:
उत्तर: औपचारिक पत्र का दूसरा मॉडल रूप, लगभग 102 शब्दों के मुख्य भाग सहित, ऊपर दिया गया है।