चरण 1: प्रश्न क्या माँगता है:
प्रश्न औपचारिक पत्र लिखने को कहता है। पहले तय करें कि पत्र किसे जा रहा है। उसी से संबोधन, अभिवादन और समापन की भाषा तय होती है। फिर देखें कि कौन-सी बातें लिखनी ज़रूरी हैं और शब्द-सीमा लगभग 100 शब्द है।
चरण 2: पत्र की रूपरेखा:
सबसे ऊपर प्रेषक का पता और दिनांक रखें। फिर संबोधन और अभिवादन लिखें। उसके बाद एक छोटे-से अनुच्छेद में सारी बातें समेटें। अंत में आभार, सद्भाव या आशा का वाक्य और नाम लिखें।
समस्या: हर पृष्ठ पर विज्ञापन, खबरों का दब जाना, पढ़ने में रुचि घटना।
सुझाव: विज्ञापनों की संख्या घटाना।
माँग: महँगाई, पर्यावरण-संकट, डिजिटल सुरक्षा, शिक्षा-नीति पर विशेषज्ञों के लेख, जिनसे पाठक जागरूक बनें।
चरण 3: दूसरा आदर्श उत्तर:
प्रेषक: रेवा, ए-14, गांधी कॉलोनी, जयपुर - 302001
दिनांक: 10 मार्च, 2027
सेवा में,
संपादक,
दैनिक समाचार-पत्र,
जयपुर।
विषय: विज्ञापनों की अधिकता घटाने और समसामयिक विषयों पर लेख बढ़ाने हेतु पत्र।
आदरणीय संपादक जी,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके समाचार-पत्र को वर्षों से पढ़ती आ रही हूँ। हाल के दिनों में मैंने देखा है कि पहले और अंतिम पृष्ठ पर ही नहीं, बीच के पन्नों में भी विज्ञापन छाए रहते हैं। इससे खबरें दब जाती हैं और पढ़ने का मज़ा चला जाता है। कृपया विज्ञापनों की संख्या कम करें। इसके साथ महँगाई, पर्यावरण-संकट, डिजिटल सुरक्षा और शिक्षा-नीति जैसे ज्वलंत विषयों पर विशेषज्ञों के लेख नियमित रूप से छापें। इससे पाठक जागरूक बनेंगे। मुझे विश्वास है कि आप इस पर विचार करेंगे।
सधन्यवाद।
आपकी विश्वासी,
रेवा
चरण 4: अंक कैसे मिलेंगे:
सही प्रारूप, यानी आरंभ और अंत की औपचारिकताएँ निभाने पर 1 अंक मिलता है। मुख्य भाग में तीनों बातें होने पर विषयवस्तु के 3 अंक मिलते हैं। शुद्ध भाषा, सही वर्तनी और उचित विराम-चिह्नों पर 1 अंक मिलता है।
उत्तर: ऊपर का दूसरा पत्र भी सही प्रारूप और विषयवस्तु वाला आदर्श उत्तर है।